Thursday, 19 May 2011

'' ज़ख़्म ''


कोन रुकता यहाँ... 
सब चले जाते है..
रूह तक साथ निभाने वाले...
भी फरेब दे जाते है...
मरहम की बाते करके... 
उम्र भर के ज़ख़्म दे जाते है...!!!!!!!

Saturday, 14 May 2011

'' बेवफाई ''

तेरी बेवफाई को... 
क्या नया नाम दे ....
लोग यूँही पथरों को ,..
बदनाम किया करते है.....!!!!!!!

Thursday, 12 May 2011

'' गुनाह ''


यह कानो में  सरगोशियाँ ...
झुकी पलकों की मदहोशियाँ ...
उठते नहीं क़दम मेरे...
खुदा माफ़ करे ...
आज फिर गुनाह होगा .....!!!!!!!

'' लो तेरे प्यार की ''


हर एक क़दम पर नई...
मुश्किलों का सामना...
जिंदगी करती गई...
जिन्दगी युही चलती रही...
रात की चादर ओड कर ...
जब चला गया सूरज ...
लो तेरे प्यार की तब भी जलती रही ...
ज़ख़्म तो भर गए वक़्त के साथ...
टीस तुज से बिछडने की बढती  गई ...
धुप में जला हुआ मुक़दर देख कर ...
छाव भी पास आने से डरती रही...
इस खंडर हुए दिल में ...
रीझ तुज से मिलने की बदती गई...
जिन्दगी युही चलती रही.....!!!!!!!


'' ये आज भी जिंदा है ''

आज नहीं तो कल...
दम तोड़ ही जायेगी..
ये सोच दिल को समजा रखा था ..
दूर किसी कोने में दिल के... 
उस को दबा  रखा था ...
पर हर बार वोह...
मेरे सामने  आ जाती है ...
जब भी आइना देखता हूँ ...
खुद की जगे उस को पाता  हूं...
पलकें बंद होते  ही  ...
वोह आ जाती है  ...
तनहाइयाँ इस को अच्छी लगती है... 
इनका मैं क्या करून ...
ये आज भी  जिंदा है...
'' यादें ''
किसी अपने की.....!!!!!!!

Wednesday, 11 May 2011

'' शरारत ''

उनकी हर शरारत में... 
जाने क्या सकून मिलता है ..
लब पे देखी नहीं मुस्कराहट ..
के दिल मचलता है ...!!!!!!!

'' अपने ''

मुझे उनसे  गिला नहीं कोई ...
फक्त खुद से शिकायत है ...
मैं उन को क्यूँ अपना समजता हूँ...
जो अपने बन कर भी ...
अपने नहीं रहते...!!!!!!!

'' मुस्कान ''

रोज़ घर से निकलता हूँ..... 
एक नए शिखर को छुने के लिए.....
कभी पाँव थक जाते है..... 

कभी लबों पे मुस्कान होती है .....!!!!!!!

'' मेरे अपनों के ''

अपनों के दिए दर्द आज भी
गेरों के मरहम से
अभी भी अछे लगते है..
डर लगता है
कहीं फिर वोह मरहम
एक नया दर्द ना बन जाये...
मुझे ये दर्द अच्छे लगते है
ये मेरे है
मेरे अपनों के दिए हुए ...!!!

'' तजुर्बा ''

एक तजुर्बा बुहत था...
जो सब कुछ सिखा गया ...
एक कारवां गुजरा था मुहब्बत का मेरे दिले बागबान पर..
जाते हुए बंज़र मेरे शहर को बना गया ....!!!

'' खफा ''

शिकवे , शिकायतें, रंजिशे ...
थी नहीं उस से कोई ....
फिर भी ना जाने क्यूँ ..
मैं उस से खफा सा था ....!!!!!!!

'' किसी की बात ''

मत छेड़ किस्सा मेरी उल्फतों का.....
बड़ी लम्बी कहानी है .....
हम ज़माने से नहीं हारे .....
किसी की बात मानी है ....!!!!!!!

'' सूखे हुए फूल ''

आज देखी एक किताब ...
तो तुम याद आ गए ...
मुड़े हुए कुछ पन्ने...
तेरी याद दिला गए ...
छुपा कर रखा थे ...
जो फूल कभी गुलाब के ...
सूखे हुए वोह फूल
तेरी याद दिला गए ....!!!!!!!

'' इंतज़ार ''

वक्त की शाख से तोड़ कर...
रखे थे कुछ लम्हे
तुम भी कुछ उलझे रहे.....
हम भी कुछ मसरूफ से थे....
अब तो आ जाओ ...
के बहार फिर आने को है .....!!!!!!!

'' याद ''

आँखों ने जो देखा हुसन का कमाल आँखों में ...
तमाम उम्र बस गई किसी की  आँखों में ...!!!!!!!

'' सदा ''

वोह आते तो है मेरी मजार पर चुप चाप से ...
उनकी ये खामोशियाँ मुझे फिर जीने की सदा देती है .....!!!!!!!

'' मंज़िल ''

बस मंजिल की तरफ दो कदम बढा़...
खुद को ढारस आप बँधा...
नाकाम हुए तो क्या शर्म यहाँ...
किसी का हाथ पकड़...
किसी की तरफ हाथ बढा़...
स्वर्ग यही है नरक यही है...
बस ना मात्र का फर्क यहाँ..
जो चमक गया वोह सितारा है..
जो फिसल गया तो शर्म है क्या...
खुद को ढारस आप बँधा...
एक हाथ पकड़ एक हाथ बढा़...
जीवन के पथ पर ...
मंज़िल की तरफ बढता चला जा .....!!!!!!!

'' तलाश ''

टुकड़ों टुकड़ों में जिस्म था बिका....
टुकड़ों में कट गई रात...
सहर कब तलक रुठेगी मुझसे...
मुझे आज भी है जिंदगी की तलाश.....!!!!!!!

'' इन्सान ''

कोई मुझ को काफिर कहे ...
कोई कह दे झल्ला ...
मंदिर के अंदर बैठ कर ...
गुरमुखी में नाम लिख दिया अल्ल्हा.....!!!!!!!

 ( झल्ला )     का मतलब पागल , 

 (  गुरमुखी  ) का मतलब सिखों की भाषा .

'' तमन्ना ''

रात की चादर ओड़ कर ...
चाँद की यादों को छोड़ कर ...
फिर एक नए सूरज को ...
पाने की तमन्ना लिए अभी चलते है यारों .....!!!!!!!

'' दर्द ''

अब के डूबेंगे मेरे शहर के लोग...
मैंने इंसानों की भीड़ में.....
पथरों को रोते देखा है .....!!!!!!!

'' सादगी ''

मेरी सादगी पे मत जाना...
हम भी ज़माने  का चलन रखते है ....
पल में ना सही...
रंग तो हम भी बदलते है ...!!!!!!!

'' दो क़दम ''

लिखने वाले तो और है...
ज़माने में बहुत...
हम तो कलम को पकड़ कर ...
दो कदम चलना सीख रहे है....!!!!!!!